मुझको भी अपना बनलो माँ
मुझको भी अपना बनलो माँमैं भक्त हू अंजानातुम ही सही राह दिखा दो माँदुनिया से हू बेगाना अंजान सी रहो पर मैंचलता रहता हूकभी गिर जाता हू माँकभी संभाल जाता हू तुम दर पे बुललो माँमेरा और ना कोई ठिकाना मुझको भी अपना बनलो माँमैं भक्त हू अंजाना मैयाज़ी साथ तुम्हारादे दो मुझे सौगात में … Read more