दादी थारो मुखडो चाँद को टुकड़ो जाको कोई न जवाब रे
दादी थारो मुखडो चाँद को टुकड़ोजाको कोई न जवाब रे,आंख्या काजल कारो लागे घणो प्यारोथारो रूप लाजवाब रे,लूँ राई वारा नजर उतारा,चाँद तारा छोड़ मैं तो थाने ही निहारा,लूँ राई वारा नजर उतारा।। रात चांदनी यु चम चम चमके माथे वाली बिंदियां,मनमोहन मुस्कान थारी ले गई मोरी निन्दियाँ,तन मन वारु तोहे मैं निहारु कोई सुध … Read more