जब तक हो दादी जीवन मेरा छूटे कभी ना ये ढाढण तेरा
जब तक हो दादी जीवन मेरा,छूटे कभी ना ये ढाढण तेरा,तेरी सेवा में रहे अर्पण तन मन मेरा,जब तक हो दादी जीवन मेरा।। इतनी किरपा करना हर दम इस लायक रहु मैं,जब दिल चाहे मेरा तेरे ढांढन धाम में औ मैं,जी भर के करू मैं दर्शन तेरा,छूटे कभी ना ये ढाढण तेरा,जब तक हो दादी … Read more