सुन्दर सरल सुहाना मन को जो रूप भाए साईं राम मेरा

सुन्दर सरल सुहानामन को जो रूप भाएसाईं राम मेरा सिंगर – प्रवीण महमूनई सुन्दर सरल सुहानामन को जो रूप भाएसाईं राम मेरा आमबर में जैसे चमकेजो तरो में है चंदासाईं राम मेरा सुन्दर सरल सुहानामन को जो रूप भाएसई राम मेरा रुद्राक्षा की है मालागले में है जो है डालेसुंदर है वो कफनियासर पर जो … Read more

साईं साईं पुकारू मैं गलियों में

साईं साईं पुकारू मैं गलियों में,कभी फूलो में धुंधू कभी कलियों में,साईं साईं पुकारू मैं गलियों में।। करदो मुझपे कर्म बात बन जायेगी,फूटी किस्मत ये मेरी सवर जायेगी,तुम हो सबसे वली सारे वलियो में,साईं साईं पुकारू मैं गलियों में।। ऐसा रुखा मेरा साईं काहा न माने,मेरे दिल मेरी जाहा की कदर न जाने,मैं भी बन … Read more