भोले नाथ से निराला कोई नहीं

भोले नाथ से निराला, कोई नहींगौरीनाथ से निराला, कोई नहींऐसा बिगड़ी बनाने वाला, कोई नहीं ।। उन का डमरू डम डम बोले,अगम निगम के भेद खोलेऐसा भक्तो का रखवाला कोई नहीं।। भोले नाथ से निराला,गौरीनाथ से निराला, कोई नहींशम्भू नाथ से निराला कोई नहीं।। काया जब जब करवट बदले,पाप चमकते अगले पिछलेऐसा जोग जगाने वाला … Read more

पार्वती बोली शंकर से सुनियो भोले नाथ जी

पार्वती बोली शंकर से सुनियो भोले नाथ जी,रहना है हर एक जनम में तुम्हारे साथ जी,वचन दीजियो ना छोड़ेंगे कभी हमारा हाथ जी,ओ भोले नाथ जी ओ शम्भू नाथ जीओ भोले नाथ जी ओ शम्भू नाथ जी।। जैसे मस्तक पे चंदा है गंगा बसी जटाओ मेंवैसे रखना हे अविनासी मुझे प्रेम की छाओ मेंकोई नहीं … Read more

भोले के दर से सबकुछ मिला

मुकद्दर मेरा बन ही गया,भोले के दर से सबकुछ मिला,मन का अँधेरा मिट सा गया,भोले के दर से सबकुछ मिला।। जीवन मेरा बन ही गया,भोले के दर से सबकुछ मिला।। नाग गले में माथे पे चंदा,श्रृंगार भष्मा का जटा में गंगा,पीके विष का प्याला नीलकंठ भया,भोले के दर से सबकुछ मिला,मन का अँधेरा मिट सा … Read more

तेरी जटा से बहती रहते है गंगा की धरा शंकरा हे मेरे शंकरा

तेरी जटा से बहती रहते है गंगा की धरा शंकरा हे मेरे शंकरातेरी जटा से बहती रहते है गंगा की धरा शंकरा हे मेरे शंकरा।। खाने को है कंद मूल पीने को भांग हैउड़ते रहते है बार बार बारी के तरंग है।। कानो में कुण्डल सुन्दर सोहे गले नाग की माला शंकरा हे मेरे शंकराकानो … Read more