शंकर दयालु दूसरा तुमसा कोई नहीं
शंकर दयालु दूसरा तुमसा कोई नहीं,देने से पहले तू जरा क्यों सोचता नहीं,शंकर दयालु दुसरा तुमसा कोई नहीं।। भस्मासुर ने भक्ति से तुझको रिझा लिया,वरदान भस्म करने का दानव ने पा लिया,तुझको ही भस्म करने की पापी ने ठान ली,देने से पहले तू जरा क्यों सोचता नहीं,शंकर दयालु दुसरा तुमसा कोई नहीं।। गिरिजा की जिद … Read more