तेरो नंदी करे हुड़दंग नाथ भंगियों का नशा चढ़ाओ भारी
तेरो नंदी करे हुड़दंगनाथ भंगियों का नशा चढ़ाओ भारीआब जतन करो कोई त्रिपुरारी।। यो रहा घूम मस्ती में झूमतू कहे गौरा घबराहीचल घोट के ला प्यारी।। मन्ने लागे भूतो ने घेरासुनले भोले नंदी तेरासंशान कड़े पर्वत डेराआफत में जान फसी म्हारीआब जतन करो कोई त्रिपुरारी।। यो रहा घूम मस्ती में झूमतू कहे गौरा घबराहीचल घोट … Read more