तेरे भक्त ने कितने दुख सहे हैं
कदे मेरी झोपड़ी में भी आ तो सहीरूखी सुखी रोटी भोले कभी खा तो सहीतेरे भक्त ने कितने दुख सहे हैं।। तेरा बिना कौन जाने दर्द कहानीतेरे बिना कौन पूछे आंखिया के पानी नेमेहर की नज़र तू फिरा तो सही।। रूखी सुखी रोटी भोले कभी खा तो सहीतेरे भक्त ने कितने दुख सहे हैं।। कंगाली … Read more