भोले की कावड़ ल्यांऊ या मेरा मन ललचावे से
भोले की कावड़ ल्यांऊ यामेरा मन ललचावे सेजब सावन मेला आवे से।। कोई बड़ा बम कोई छोटासे कोई खरा से कोई खोटा से,कोई लगा समाधि बैठा सेकोई झूम झूम के गावे से,जब सावन मेला आवे से,भोले की कावड़ ल्यांऊ।। तेरे नाम के ला के जयकारेबम बम गावे कावड़ थारे,पूर्व पश्चिम उत्तर दक्षिणसारे बम बम गावे … Read more