मैं बनी भगतनि भोले की
तू गंगा जी न ना जावन दीता आदत सी तेरी रोने की,मैं बनी भगतनि भोले की,सास ससुर की सेवा तजके खावे हवा हिंडोले की,तू कैसी भगतनि भोले की।। तू न्यू बक बक करया करे क्यों दोश मेरे ते धरा करे,तने हलवा ख्वा दियां कागा से और पूरी खिंडादी झोले की मैं बनी भगति भोले की,तू … Read more