निराले तेरे खेल निराले डम डम डमरू वाले
कही जगत मे रात अँधेरी कही है दिन के उजाले,निराले तेरे खेल निराले डम डम डमरू वाले।। चम चम चमके शीश पे तेरे वो चंदा है निराला,कानन कुण्डल पहने भोले जटा में गंगा की धारागल मूंडो की माला सोहे नाग भयंकर काले,निराले तेरे खेल निराले डम डम डमरू वाले।। तू ही सर्वेश्वर है भोले तू … Read more