इस जीवन की नैया को शिव ही पार लगाए

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवायजो भी इसका हो जाता हैइसमें ही जो खो जाता हैइस जीवन की नैया को शिव ही पार लगाएॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय।। निष् दिन इसके गन जो गायेचरणों में जो शीश झुकायेउसकी रक्षा खुद करता हैजो शिव को अपनायेॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय।। इस जीवन की नैया … Read more

भोले मेरी कुटिया में आना होगा

डम डम डमरू बजाना होगा,भोले मेरी कुटिया में आना होगा॥ सावन के महीने में हम बेल पत्ते लायेगे,वही बेल पत्ते हम भोले को चढ़ायेगे,थाली में फुल और चंदन होगा,भोले मेरी कुटिया में आना होगा,डम डम डमरू बजाना होगा,भोले मेरी कुटिया में आना होगा॥ सावन के महीने में हम गंगा जल लायेगे,वही गंगाजल हम भोले को … Read more

कैलाशी कशी के वासी ज्ञान निधान तुम्ही हो शंकर भगवन तुम्ही हो

कैलाशी कशी के वासी ज्ञान निधान तुम्ही होभूत भयंकर किंकर हो शंकर भगवन तुम्ही होकैलाशी कशी के वासी ज्ञान निधान तुम्ही हो।। किया साल कूट है जाता जूट उठ रही सर लहर गंगापावन पुनीत हे गुण अतीत है अतीत सोहे उपवीत भुजंगा।। कुण्डलों की झलक जल अनल तकहै धरण फलक पंच रंगाशोभा का धाम किया … Read more

महादेव शंकर हैं जग से निराले

महादेव शंकर हैं जग से निराले,बड़े सीधे साधे बड़े भोले भालेमेरे मन के मदिर में रहते हैं शिव जी,यह मेरे नयन हैं उनही के शिवालय बनालो उन्हें अपने जीवन की आशा,सदा दूर तुमसे रहेगी निराश।बिना मांगे वरदान तुमको मिलेगा,समझते हैं वो तो हरेक की मन की भाषावो उनके हैं जो उनको अपना बनाले… जिधर देखो … Read more

पर्वतो पे रहने वाले ओ भोले

ऊँचे ऊँचे पर्वतो पे रहने वाले ओ भोलेतुमसे बड़ी है आस शिव शंकर भोले।। भोला है डमरू वाला नाम भी भोलातेरे ही आगे दुखो का दरवाजा खोला।। मेरे इन कष्टों को दूर अब तो करदो भोलेतुमसे बड़ी है आस शिव शंकर भोले।। ऊँचे ऊँचे पर्वतो पे रहने वाले ओ भोलेतुमसे बड़ी है आस शिव शंकर … Read more

मेरा भोला बैठा गंगा जी के घाट

मेरा भोला बैठा गंगा जी के घाट,तन पे बसम रमा बसम लगा हो बैठा बसम लगा,मेरा भोला बैठा गंगा जी के घाट।। मंद मंद मेरा भोला मुश्कावे,मस्त मलंग होके अपनी धुन रहा डमरू बजा,मेरा भोला बैठा गंगा जी के घाट।। बैठा माथे लेके चंदा उजियारा,हाथ में चिमटा भजा के जोगी रहा अलख जगा,मेरा भोला बैठा … Read more

कैलाश पे डमरु बजाया भोलेनाथ ने शंभूनाथ ने

कैलाश पे डमरु बजाया भोलेनाथ ने शंभूनाथ ने Kailash Pe Damru Bajaya Bhole Nath Ne कैलाश पे डमरु बजायाभोलेनाथ ने, शंभूनाथ नेदीवाना सबको बनायाभोलेनाथ ने, शंभूनाथ नेछम-छम है नाचे त्रिपुरारीपर्वत पे है रौनक है भारीजादू सा चलाया भोलेनाथ ने समा गई है सातों सरगमइस डमरु की धुन मेंमानो तो खुद मात शारदेआई शिव आगन में … Read more