मेरे बाबा की ज्योत जले झील मिल झील मिल पवन करे
मनोजवं मारुत तुल्य वेगमजितेन्द्रियं बुद्धिमहातम वरिश्टमवतातनिजाम वानर युध मुकातमश्री राम दुतम शरणं प्रपादयई।। मेरे बाबा की ज्योत जलेझील मिल झील मिल पवन करे मेरे बाबा की ज्योत जलेझील मिल झील मिल पवन करे मेरे बाबा की जोत जलेझील मिल झील मिल पवन करे मेरे बाबा की ज्योत जलेझील मिल झील मिल पवन करे कनक सिंघासन … Read more