लगन तेरी मेरे श्याम लगाऊं
प्रीत की पावन ज्योत जगाऊँसांवरिया श्रृंगार सजाऊँआजा रे आजा ध्यान लगाऊंलगन तेरी मेरे श्याम लगाऊं सहारे तेरे हो भरोसे तेरे होनिगाहें फेरे तू पड़े अँधेरे होतू ना सुनेगा तो कौन सुनेगाविनती ये प्यारे ओ पालनहारेचुन सुन कलियाँ हार बनाऊंसांवरिया श्रृंगार सजाऊँ उठा के हाथों को मैं कह दूँ बातों कोछुपाऊं पर कैसे बही बरसातों कोउमड़ … Read more