अर्जी सुनो अब मेरी ओ बाबा मेरे विनती सुनो अब मेरी
कब तक रहोगे सँवारे यूं दूर हम सेमिलना पड़ेगा आपको एक दिन जरूर हम सेक्यों नहीं देते तुम हमे दर्शन का मौकाकेहदो अगर हुए है हमसे कोई खता।। जब जब मन ये गबराता हैमिलता न साथ में कोईतुही मेरा सब कुछ तू ही मेरी यारीयही अरदास है मेरी।। तुझ बिन जीना पाऊ मैं बाबाकभी भी … Read more