तू सब की किस्मत सवारे हम क्यों मुसीबत के मारे
तू सब की किस्मत सवारे,हम क्यों मुसीबत के मारे,हद से ज्यादा गरीबी वेहाल कर रही है,तुम हो मेरे हम तुम्हारे हारे के तुम हो सहारे,आंसू की हर बून्द तुमसे ये सवाल कर रही है,ओ सँवारे मुझको बता मेरी खता बोलो है क्या।। मेरे हक़ में कुछ नहीं और को तमाम है,आप के गुलामो में मेरा … Read more