श्याम तेरी चौखट पे सुनाई ना होती कहाँ श्याम जाते
श्याम तेरी चौखट पे सुनाई ना होतीकहाँ श्याम जाते कहाँ श्याम जाते।। रास्ते की पत्थर को तुमने तराशावर्ण बनाती ये दुनिया तमाशाअगर तुमने मंज़िल दिखाई ना होतीकहाँ श्याम जाते कहाँ श्याम जाते।। वक़्त ने कैसे कैसे दिन थे दिखाएकैसे बयान करूँ कुछ समझ में ना आयेहाथों की लकीरें तुमने सजाई ना होतीकहाँ श्याम जाते कहाँ … Read more