धन दोलत नही चाहिए मेरे साथ है खाटू श्याम
धन दोलत नही चाहिए मेरे साथ है खाटू श्याम,जल थल नब का अधिकारी है छवि बड़ी मनोहारी,कितनो प्यारो है नाम,धन दोलत नही चाहिए मेरे साथ है खाटू श्याम।। महाभारत से प्रथा बनी है लगे यहाँ पर मेले हैखुशियों की बरसात यहाँ दुनिया में बहुत ज़मीले है,सब बिगड़े काम बनाये,ये बिछड़े दिलो को मिलाये लेता नही … Read more