साँवरिया तुमसा नहीं इस अम्बर के निचे
साँवरिया तुमसा नहीं इस अम्बर के निचे Sanwariya Tumsa Nahi Iss Amber Ke Neeche साँवरिया तुमसा नहीं इस अम्बर के निचे,इसी लिए तो डोल रही है दुनिया पीछे पीछे, पाके तुझे लगता मुझे कोई मिला है अपना,कभी कभी तो लगता है देख रहा हु सपना,हर पल तेरी छवि निहारु आँखों को मैं मीचे मीचे,साँवरिया तुमसा … Read more