कान्हा ओ कान्हा तेरी राधा दरश बिन रोए
कान्हा ओ कान्हा तेरी राधा दरश बिन रोएजैसे मीन नीर बिन होये कान्हा ओ कान्हा तेरी राधा दरश बिन रोएजैसे मीन नीर बिन होये जमुना की लहरें नभ के तारेगिन गिन दिन और रैन गुज़रेकब आओगे श्याम हमारेमॅन मेरा धीरज खोएजैसे मीन नीर बिन होये चंपा की रस गंध है खोईकोयल की धुन सोई सोईआश् … Read more