रग रग में तू है वसा ओ कान्हा
रग रग में तू है वसा ओ कान्हातेरे रंग में रंगा हु मैं तेरी प्रीत सजाऊँ मैं ।। तेरे दर्श को नैना मोरा तरसेलौटा न खाली कोई तेरे दर से,आजा ओ कान्हा मेरे अब तो तू आजा,राह निहारु मैं मेरे कान्हामेरे मन में तू ही वसातेरी आस लगाऊं मैं।। तेरी जोगन तुझको पुकारेतुम बिन कान्हा … Read more