श्याम मुझपे भी नज़रे करम कीजिए
श्याम मुझपे भी नज़रे करम कीजिए,मैं भी हारा जगत से रहम कीजिए,मांगता भीख दर पे तेरे सांवरे,मैं तर जाऊँ दाता ये वर दीजिए,श्याम मुझपे भी नज़रें करम कीजिए,मैं भी हारा जगत से रहम कीजिए।। अपनों ने साथ छोड़ा ना कोई मेरा,दर ब दर खाके ठोकर मिला दर तेरा,श्याम मेरी भी बिगड़ी बना दीजिए,मुझपे उपकार मेरे … Read more