तेरी मुरली ने जुलम करी कान्हा
तेरी मुरली ने जुलम करी कान्हा तेरी मुरली ने जुलम करी।। जब कान्हा तेरी मुरली बाजेघर को छोड़ चली मैं भाजी,ये तो टाले में ना ही टली,कान्हा तेरी मुरली ने जुलम करी।। लोक लाज मैंने सब छोड़ीऐसी लागि प्रीत निगोड़ी,मैं तो छलिया के फंद पलीकान्हा तेरी मुरली ने जुलम करी।। जाने ना ये पीड़ हमारीजाके … Read more