कान्हा के बाल रूप मन में बिठाइये
कान्हा के बाल रूप मन में बिठाइये,जन्ममास्टमी है आई खुशियां मनाइये,माखन बना के भक्ति का प्रभु को खिलाइये,कान्हा के बाल रूप मन में बिठाइये।। नन्हे से मेरे कान्हा जी लड्डू गोपल है,दर्शन जिन्हे मिलता होते निहाल है,मन को बना के पालना उसमे झुलाइये,माखन बना के भक्ति का प्रभु को खिलाइये,कान्हा के बाल रूप मन में … Read more