कल भी थी मेरी माँ आज भी मेरी माँ
कोई ब्रह्मा ना थेकोई विष्णु ना थेमात शक्ति ही थीकोई शिव भी ना थे ।। सारी श्रीष्टि कीसूत्रा धार है मेरी माँकल भी थी मेरी माँआज भी मेरी माँ।। माँ से बढ़कर जहा में कोई नहीपूछ कर देखो कंकर भी कहता है माँ।। माँ ही जल में भी हैमाँ ही तल में है माँ की … Read more