कहाँ गया चौपाल बैठका याद गाँव की आती है
कब बसंत कब पतझड़ आया कब मौसम बरसाती है,शहर में दिन और रात में अंतर यहाँ ना कोयल जाती है,गाँव की एक एक बात आती है तड़पाती है,कहाँ गया चौपाल-बैठका याद गाँव की आती है,कहाँ गया चौपाल-बैठका याद गाँव की आती है।। यहां ना डाल पे झूला को यहाँ न कोई कजरी गाये,लगता है सुनाएं … Read more