राम की मर्जी के आगे
होई है वही जो राम रचि रखा ,को कर तरक बढ़ावै साखा।। राम की मर्जी के आगे ,राम का दम भर के देख ,सब तमाशे कर चुका है ,ये तमाशा कर के देख ।। राम गर तेरा है तो ,तेरी है सारी कायनात ,सब को अपना कर ने वाले ,उसको अपना कर के देख।। हो … Read more