इस मन की भटकी हुए नाव को आज किनारा मिल गया
इस मन की भटकी हुए नाव को आज किनारा मिल गयाराम मेरे मुझ पापी को भी तेरा सहारा मिल गयाइस मन की भटकी हुए नाव को आज किनारा मिल गया।। उलझा हुआ था मैं माया के जंगल में तुमने बचाया मुझेतुमने बचाया मुझे औकात ना थी मेरी नाथ तुमनेअपना बनाया मुझे अपना बनाया मुझेतेरी कृपा … Read more