गल मोत्यां को हार सिर चुनर चमकदार,
गल मोत्यां को हार,सिर चुनर चमकदार,थे कर सोलह श्रृंगार,माँ बनड़ी सी लागो जी,माँ बनड़ी सी लागो जी।। थारे हाथा सोणी चंगी,माँ मेहंदी रची सुरंगी,चुडले की खन खन न्यारी,झांकी थारी सतरंगी,मन मेरो मोह लियो है,थारी पायल की झंकार,गल मोत्या को हार,सिर चुनर चमकदार,थे कर सोलह श्रृंगार,माँ बनड़ी सी लागो जी,माँ बनड़ी सी लागो जी।। थारे माथे … Read more