चूनड़ ल्याया हां दादी जी
चुनरी चुनरी चुनरी चुनरी चुनरी चुनरीचुनड़ लाया हां भवानी सेवकओढो़ ओढो दादी थोड़ा आगे आये रे मान रखलो भक्त को थे तो आज रेओढो़ ओढो दादी थोड़ा आगे आये रे छम करती चुनरी जो तारा माँ चंदासूरज सी किरण सी दमके जब लगवाया गोताथाने भावे लाल रंग ही चुनार को लाया रेओढो ओढो न दादी … Read more