तेरी शरण पड़ा हूँ मुझको तो क्या फ़िक्र है
तेरी शरण पड़ा हूँ मुझको तो क्या फ़िक्र है Teri Sharan Pada Hoon Mujhko To Kya Fikar Hai Lyrics तेरी शरण पड़ा हूँ मुझको तो क्या फ़िक्र हैतेरा ही गीत गाऊं दूजा ना जीकर है।। जो दीखता जगत में खाता है काल सबकोवह काल उनसे डरता जिसपर तेरी कृपा होवह काल उनसे डरता जिसपर तेरी … Read more