भोले गौरा को ब्याहने आया बड़ा विकराल रूप बनाया
भोले गौरा को ब्याहने आया ,बड़ा विकराल रूप बनाया,गले में सर्पो की माला,तन पे है मृग छाला,भोले बाबा ने ढोंग रचाया,बड़ा विकराल रूप बनाया,भोले गौरा को व्याहने आया।। हाथ डमरू लिए,रंग काला किए,शिव सम्भु ने डमरू बजाया,बड़ा विकराल रूप बनायाभोले गौरा को व्यहने आया।। संग में भूत लिए,ढंग निराला किये,भूतो ने शोर मचाया,बड़ा विकराल रूप … Read more