जब जब भी मैं हारा तूने लिया है मुझको थाम
जब जब भी मैं हारा तूने लिया है मुझको थामक्या रिश्ता है तेरा मुझसे ओ बाबा श्यामजब जब भी मैं हारा……………… ना नरसी शबरी मैं न ही मैं तो मीराना ही मैं सुदामा जैसा मित्र हूँ तेरापर तूने बनाये बाबा मेरे बिगड़े हुए हर कामतुमने बनाये बाबा मेरे बिगड़े हुए हर कामक्या रिश्ता है तेरा … Read more