सिर पे दोनों हाथ फेर दे तेरा की घट जावेगा
सिर पे दोनों हाथ फेर दे तेरा की घट जावेगातेरा कुछ न बिगड़े गा तेरा टाबरियां तर जावेगा,सिर पे दोनों हाथ फेर दे तेरा की घट जावेगा।। कब से द्वार खड़ा है थारे माहरी और निहारो जी,कोई नहीं है संगी साथी थारो इक सहारो जी,श्री चरना की सेवा दे दो भव सागर तर जावेगा,सिर पे … Read more