काशी वासी ओ अविनाशी तेरे दर पे आई हूँ
काशी वासी ओ अविनाशी तेरे दर पे आई हूँ Kashi Vasi O Avinashi Tere Dar Pe Aayi Hu काशी वासी ओ अविनाशी तेरे दर पे आई हूँनहले मेरे भोले जल हरिद्वार से लाई हूँकाशी वासी ओ अविनाशी तेरे दर पे आई हूँ बड़ी तमन्ना थी बाबा कांवड़ तेरा उठाऊँभोले तेरे द्वार पे जय जयकार करती … Read more