कैसी किस्मत हमारी लिखी प्रभु
कैसी किस्मत हमारी लिखी प्रभु,चाहत खुशियों की थी पर गम मिल गया,जगमगा ती हु कल की चांदनी,देखते देखते अब सब ढल गया,कैसी किस्मत हमारी लिखी प्रभु।। थोड़ा लाचार था मैं परेशान था,दुनिया समझी नहीं मेरे हालत को,सारे वेह्शी नजर आ रहे है मुझे,कैसे समजाओ मैं अपने जज्बात को,मैं तड़प ता रहा मैं सिसक ता रहा,जखम … Read more