कान्हा मैं तेरी नचायी नचू सु इस दुनिया की औकात नहीं
तेरे प्यार ते बड़केना मन्ने मिली कोई सौगत नहीं।। मैं तेरी नचायी नचू सुइस दुनिया की औकात नहीं।। कान्हा तेरी नाचै नाचु सुइस दुनिया की औकात नहीं।। तेरे प्यार ते बड़केना मन्ने मिली कोई सौगत नहीं मैं तेरी नचायी नचू सुइस दुनिया की औकात नहीं।। ओ मन्ने के बेरा किट जाना मैंतेरी पायरा चालूओ तेरे … Read more