साई जपले घडी दो घडी
जिंदगी की ना टूटे लड़ीसाई जपले घडी दो घडी।। छोटी सी जिंदगानी है ये,बहती नदियाँ का पानी है ये,इस ब्रम्हांड इतिहास में,चार दिन की कहानी है ये,ये पटाखे की है फुलझड़ी,नाम जपलें घड़ी दो घड़ी,जिंदगी की ना टूटे लड़ी,नाम जपलें घड़ी दो घड़ी।। कोई आया कोई जाएगा,कौन किसके पीछे आएगा,तोड़ के पिंजरा पंछी चला,जाते जाते … Read more