उठ जाग मुसाफिर भोर भई अब रैन कहाँ जो सोवत है
उठ जाग मुसाफिर भोर भई अब रैन कहाँ जो सोवत है Uth Jaag Musafir Bhor Bhai Ab Rain Kahan Jo Sovat Hai Lyrics Hindi उठ जाग मुसाफिर भोर भई, अब रैन कहाँ जो सोवत हैजो सोवत है सो खोवत है, जो जगत है सोई पावत है ।। टुक नींद से अखियाँ खोल जरा, और अपने … Read more