मैया तुम्ही करो उपकार
मुझे अपनी शरण लेलो मेरी मैयाआया तेरे द्वार तुम्ही करो उपकारये झूठ की नागरीछोड़ के आया हू दरबारकुछ तो करो उपकार।। मुझे अपनी शरण लेलो मेरी मैयाआया तेरे द्वार तुम्ही करो उपकारये झूठ की नगरीछोड़ के आया हूँ दरबारकुछ तो करो उपकार जग का सताया हूँदुःख का मैं मारा हूँकरदो कृपा मैयाअपनों से हारा हूँ … Read more