श्याम तेरी किरपा से चले घरबार से
श्याम तेरी किरपा से चले घरबार सेआज जो भी बने तेरा उपकार सेऔकात न थी गाडियों में घुमन कीफ्लाइट में घुमा वे तेरा एहसान से।। श्याम तेरी किरपा से चले घरबार सेआज जो भी बने तेरा उपकार से।।श्याम श्याम श्याम श्याम श्याम हो पता नही जी कौन सा नशा करता है,श्याम अपना पल में बना … Read more