दया करो हे नाथ जगत पे कैसी विपदा आई
दया करो हे नाथ जगत पे कैसी विपदा आई,सारी दुनिया तर्स्त है जिस से जनता है गबराई,जगत के मालिक जगत वियाता अर्ज है तुमसे करते,देर करो न अब तुम स्वामी निकट घडी है आईदया करो हे नाथ जगत पे कैसी विपदा आई।। रोटी के भी लाले पड़ गे दुखी है सब नर नारी,काम भी छूटा … Read more