वक्रतुंड महाकाय तेरे हम पुजारी
वक्रतुंड महाकायतेरे हम पुजारीआके प्रभु दूर करोविपदा हमारी।। वक्रतुंड महाकायतेरे हम पुजारीआके प्रभु दूर करोविपदा हमारीवक्रतुंड महाकाय।। सिंदूरी वध करकेसिंदूरी माथे धरेदेव दनुज मानव औररिशुओ को उबारे।। कोई क्या बयान करेमहिमा तेरी भारीवक्रतुंड महाकाय।। मात पिता का मूल्यतुम्ही ने बताया शिव शक्ति का शुभआशीष तुमने पाया।। विघन हरण मंगल करणमूषक वाहन धारीवक्रतुंड महाकाय।। अंधान को … Read more