ईश्वर की अदालत में चलेगी ना तेरी मर्ज़ी
मंज़िल का पता पाया नहीतू सुनले ओ प्राणीजाएगा तू किस औरईश्वर की अदालत मेंचलेगी ना तेरी मर्ज़ीकोई चलेगा ना ज़ोर मंज़िल का पता पाया नहीतू सुनले ओ प्राणीजाएगा तू किस और अच्छे करम करले ये संत कहते हैहाए रे किश्मत की हम सुनते रहते हैजीवन का सभी तो एक दिन अंत आना हैसाधु हो या … Read more