श्रृंगार तेरा ये श्याम प्यारा लगे बड़ा न्यारा लगे
प्यारा लगे बड़ा न्यारा लगेश्रृंगार तेरा ये श्याम।। घायल कर गई मोहन तेरीपालन की मुस्कान।। प्यारा लगे बड़ा न्यारा लगेश्रृंगार तेरा ये श्याम।। शीश पे तारे मुकुट विराजेकेशर तिलक है साजे गल वैजयंती शोहे राही हैकुण्डल मन को भावे पीत पीताम्बर मतवालो हैसुंदर रूप सुजान।। प्यारा लगे बड़ा न्यारा लगेश्रृंगार तेरा ये श्याम।। लट घुंघराली … Read more