मेरी भी सुनलेना अब तू क्यो विचारे है
सुनता है तू सबकी ये कहते सारे हैमेरी भी सुनलेनाअब तू क्यो विचारे है मुद्दत से जीवन में च्चाया क्यो अंधेरा हैमुझको तो लगता है जीवन का घेरा है ना दर के सिवा तेरे कही हाथ पसारे हैसुनता तू सबकी ये कहते सारे है माना की हाथो में किशमत की नही रेखाजो बीट रही मुझपे … Read more