मुझ निर्धन के घर में बोलो कब आओगे श्याम मेरे
मुझ निर्धन के घर में बोलो कब आओगे श्याम मेरे,भरोसा मुझको तो श्याम बस तेरा है,तुम्हारे बिन यहां में कोई न मेरा है,दुनिया ने गम इतने दिए क्या तुम को बतलाऊ,दिल में सजाये थे जो सपने टूट गये शरेआम मेरे, देख ली है सब मैंने ये झूठी दुनिया दारी,एक तेरा दर सच्चा सँवारे ओ गिरधारी,स्वरथ … Read more