पीके भंगिया झूमे भोले कंधे कावड़ उठाई से
पीके भंगिया झूमे भोले कंधे कावड़ उठाई से,किसे ने ज्यादा किसे ने थोड़ी सब ने भांग चढ़ाई से,पीके भंगियाँ ओ हो रे भोले झूम रहे है।। कोई हरयाणा कोई यू पि से भांग घोट के लाया से,भोले की मस्ती में देखो रंग सभी पे छाया से,कावड़ियों की जुबा पे देखो जय कारा से भोले का,कुछ … Read more