दूल्हा बनकर भोले आये है गोरा जी के द्वार

गले सरपो की माला तन भस्मी रमा केहो कर नंदी पर सावरीदूल्हा बनकर भोलेआये है गोरा जी के द्वार तीनो लोको के स्वामी के शादी मेंब्रह्मा जी विष्णु जी आए हैं साथ में भूत प्रेतो की टूली करते चले हैं थिथोलीआगे भोले पीछे बाराती साथ दूल्हा बनकर भोलेआये है गोरा जी के द्वार औघड़ दानी … Read more

शादी चले रचना शंकर भूत बजाये थाल

शादी चले रचना शंकरभूत बजाये थालशोर हुआ हिम की नगरी मेंदुल्हा है कंगाली शादी चले रचना शंकरअंग भभूत लगायेभूत प्रेत सब मिलाजुलकर दूल्हा को सजय कोई ताली दे दे नचेकोई ढोल बजाये देख बराती अधभूत शिव कीमैना भई बहली शोर हुआ हिम की नगरीदुल्हा है कंगाली शिव की चली बारात आजीसब सोया मसानी जाएंगेवाघम्बर को … Read more