क़ानूड़ो थारो चाकर बनकर रहसू
क़ानूड़ो थारो चाकर बनकर रहसू Kanuda Tharo Chakar Bankar Rehsu क़ानूड़ो थारो चाकर बनकर रहसूप्रभु का सुमिरन करो मेरे मीटसावधान एकाग्रचित सर झूकाओगे जो श्याम के दरबार के आयेजना कभी हाथ फैलाना पड़ेगा किसी के आयेज क़ानूड़ो तरो चाकर बनकर रहसूकन्हैया तरो चाकर बनकर रहसूतू अपने दर का डरबन बनले आए श्याममुझे अपनी चौखट का … Read more